डुअल-पेन में लोकल, क्लाउड व नेटवर्क फाइलें मैनेज करें और AES से सुरक्षित रखें
डुअल-पेन में लोकल, क्लाउड व नेटवर्क फाइलें मैनेज करें और AES से सुरक्षित रखें
वोट (1 वोट)
प्रोग्राम लाइसेंस Free
डेवलपर NeatBytes
संस्करण 3.4.10
के तहत काम करता है Android
अन्य नाम Solid Explorer File Manager
वोट
(1 वोट)
डेवलपर
NeatBytes
के तहत काम करता है
Android
प्रोग्राम लाइसेंस
Free
संस्करण
3.4.10
अन्य नाम
Solid Explorer File Manager
Solid Explorer File Manager एक एंड्रॉयड फ़ाइल मैनेजर है, जिसकी सोच पुराने “फ़ाइल कमांडर” स्टाइल से ली गई है। यह डुअल-पेन लेआउट में लोकल स्टोरेज, क्लाउड और नेटवर्क लोकेशंस पर रखी फाइलों को एक जगह से मैनेज करने पर फोकस करता है, साथ ही AES एन्क्रिप्शन के जरिए चुनिंदा डेटा को सुरक्षित फ़ोल्डर में रखने की सुविधा देता है।
यह ऐप उन लोगों के लिए अधिक उपयुक्त है जो रोज़ाना बहुत सारी फाइलें संभालते हैं, क्लाउड या NAS पर काम करते हैं, या डुअल-पेन वर्कफ़्लो पसंद करते हैं। अगर आपको हर हाल में “बिना रुकावट” चलने वाला अनुभव चाहिए, तो इसकी कुछ हालिया परेशानियां ध्यान में रखनी पड़ सकती हैं।
डुअल-पेन लेआउट: एक बार आदत पड़े तो तेज़ काम
Solid Explorer की पहचान इसका बाएं और दाएं पैनल वाला इंटरफ़ेस है। शुरुआत में इसकी आदत डालनी पड़ सकती है, लेकिन दो लोकेशन साथ देखकर फाइलों को मूव, कॉपी या ऑर्गनाइज़ करना ज्यादा सीधा लगता है। रोज़मर्रा के काम जैसे देखना, डिलीट करना, मूव करना, रिनेम करना और शेयर करना यहां मुख्य अनुभव का हिस्सा हैं।
डिवाइस से क्लाउड और NAS तक एक ही जगह
यह फाइल मैनेजर इंटरनल स्टोरेज, SD कार्ड और USB OTG के साथ काम करता है। इसके अलावा क्लाउड स्टोरेज में Google Drive, OneDrive, Dropbox, Box, Owncloud, SugarSync, MediaFire, Yandex और Mega (पेड ऐड-ऑन के साथ) का सपोर्ट दिया गया है।
नेटवर्क स्टोरेज के लिए FTP, SFTP, SMB (Samba), WebDav जैसे प्रोटोकॉल शामिल हैं, जिससे NAS या सर्वर लोकेशंस को भी ऐप के भीतर व्यवस्थित किया जा सकता है। दो पैनल का फायदा यहां खास तौर पर दिखता है, क्योंकि रिमोट लोकेशंस के बीच फाइल ट्रांसफर का तरीका सरल रहता है।
सुरक्षा: AES एन्क्रिप्शन और सुरक्षित फ़ोल्डर
Solid Explorer की मजबूत बात इसका फाइल एन्क्रिप्शन है। चयनित फाइलों को AES एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित फ़ोल्डर में रखा जा सकता है, जिसे खोलने पर पासवर्ड या फिंगरप्रिंट कन्फर्मेशन मांगा जा सकता है। एक उपयोगी पहलू यह भी है कि ऐप हटने के बाद भी फाइलें डिवाइस पर रहती हैं और सुरक्षा बनी रहती है, यानी “लॉक” सिर्फ ऐप की मौजूदगी पर निर्भर नहीं बताया गया है।
कलेक्शंस, सर्च और स्टोरेज की समझ
ऐप फाइलों को कलेक्शंस में ऑटो-ऑर्गनाइज़ करता है, जैसे Downloads, Recent, Photos, Videos, Music, Documents और Apps, जिससे अक्सर इस्तेमाल होने वाली चीज़ें जल्दी मिलती हैं। इंडेक्स्ड सर्च और फ़िल्टर्स (जैसे फाइल साइज फ़िल्टर) बड़े स्टोरेज में सही फाइल तक पहुंचने में मदद करते हैं।
अगर आप स्टोरेज एनालिसिस चाहते हैं, तो यहां “डेडिकेटेड” स्टोरेज एनालाइज़र नहीं है, लेकिन इंटरनल स्टोरेज या SD कार्ड की फ़ोल्डर प्रॉपर्टीज में हर फ़ोल्डर का स्पेस प्रतिशत और बड़े फाइलों की सूची देखी जा सकती है।
उपयोगी टूल्स: आर्काइव, एडिटर, रूट एक्सप्लोरर और FTP सर्वर
Solid Explorer ZIP, 7ZIP, RAR और TAR आर्काइव्स को सपोर्ट करता है। रिमोट स्टोरेज ब्राउज़िंग को आसान बनाने के लिए इसमें इंटरनल इमेज व्यूअर, म्यूज़िक प्लेयर और टेक्स्ट एडिटर भी दिया गया है।
पावर यूज़र्स के लिए रूट एक्सप्लोरर (यदि डिवाइस रूटेड हो) और बैच रिनेम (नेमिंग पैटर्न के साथ) जैसी सुविधाएं काम की हैं। साथ ही FTP सर्वर विकल्प से स्थानीय फाइलों तक PC से एक्सेस का रास्ता मिलता है। चाहें तो थीम्स और आइकन सेट्स से लुक भी बदला जा सकता है, और Chromebook पर माउस व कीबोर्ड इनपुट का सपोर्ट भी शामिल है।
जहां अनुभव कमजोर पड़ता है: स्थिरता और लाइसेंसिंग की झंझट
फीचर्स की लंबी सूची के बावजूद, कुछ मामलों में अनुभव निराश कर सकता है। हाल के समय में ऐप-टूटने जैसी समस्याएं, लॉक-अप और क्रैश की शिकायतें सामने आती हैं, जहां ऐप फ्रीज़ होने पर वापस काम में लाने के लिए फोन रीबूट तक की नौबत बताई गई है, और बार-बार अनइंस्टॉल व रीइंस्टॉल करना पड़ा है (कभी 4 या 5 बार तक)।
इसके साथ ही लाइसेंसिंग को लेकर भी बड़ी परेशानी बताई गई है, जहां ऐप खरीदे जाने के बावजूद खरीद “भूल” जाता है और समाधान के तौर पर फिर से अनइंस्टॉल व रीइंस्टॉल करने की बात आती है। इसका सीधा असर उन यूज़र्स पर पड़ता है जिन्होंने नेटवर्क और क्लाउड ड्राइव्स सेटअप किए होते हैं, क्योंकि बार-बार वही कॉन्फ़िगरेशन दोहरानी पड़ सकती है।
फायदे
- डुअल-पेन लेआउट से फाइल मैनेजमेंट और ट्रांसफर में सुविधा
- लोकल स्टोरेज के साथ क्लाउड और NAS प्रोटोकॉल का व्यापक सपोर्ट
- AES एन्क्रिप्शन और पासवर्ड या फिंगरप्रिंट से सुरक्षित फ़ोल्डर
- इंडेक्स्ड सर्च, कलेक्शंस, आर्काइव सपोर्ट, बैच रिनेम और FTP सर्वर जैसे उपयोगी टूल्स
कमियां
- कुछ हालिया मामलों में क्रैश, लॉक-अप और ऐप-तोड़ने वाली दिक्कतें
- लाइसेंसिंग के कारण खरीद पहचानने में समस्या और बार-बार अनइंस्टॉल व रीइंस्टॉल की झंझट
- डेडिकेटेड स्टोरेज एनालाइज़र नहीं, केवल फ़ोल्डर प्रॉपर्टीज के जरिए जगह का अंदाज़ा